आओ की कोई ख्वाब बुने
आओ की कोई ख्वाब बुने कल के वास्ते
वरना ये रात आज के संगीन दौर की
डस लेगी जान-ओ-दिल को कुछ ऐसे की जान-ओ-दिल
ता-उम्र फिर न कोई हसीन ख्वाब बुन सके
[बुनना = to weave; संगीन दौर = hard/difficult times]
[डस लेना = to bite; ता-उम्र = entire life]
गो हम से भागती रही ये तेज़-गाम उम्र
ख्वाबो. के आसरे पे कटी है तमाम उम्र
[तेज़-गाम = fleet footed)
जुल्फों के ख्वाब, होनठो के ख्वाब, और बदन के ख्वाब
मेराज-ऐ-फेन के ख्वाब, कमाल-ऐ-सुखन के ख्वाब
[meraaj-e-fan = (to reach) summit of art; kamaal-e-suKhan = perfection in poetry]
तहजीब-ऐ-जिंदगी के, फरोग-ऐ-वतन के ख्वाब
ज़िंदा.न के ख्वाब, कूचा-ऐ-दार-ओ-रसन के ख्वाब
[tahaziib-e-zindagii = civilized life; faroG-e-vatan = nation's progress/upliftment]
[zindaa.N = prison; kuuchaa-e-daar-o-rasan = road leading to the gallows]
ये ख्वाब ही तो अपनी जवानी के पास थे
ये ख्वाब ही तो अपने अमल के असास थे
ये ख्वाब मर गए है तो बे-रंग है हयात
यू है की जैसे दस्त-ऐ-तह-ऐ-संग है हयात
[amal = work; asaas = foundation; hayaat = life]
[dast-e-tah-e-sang = hands crushed under a stone (helpless)]
आओ की कोई ख्वाब बुने कल के वास्ते
वरना ये रात आज के संगीन दौर की
डस लेगी जान-ओ-दिल को कुछ ऐसे की जान-ओ-दिल
ता-उम्र फिर न कोई हसीन ख्वाब बुन सके
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Wednesday, August 6, 2008
Saturday, May 24, 2008
TERE MERE SAPNE AB EK RANG HAIN
तेरे मेरे सपने अब एक रंग हैं
ओ जहाँ भी ले जायें राहें हम संग हैं
ओ तेरे मेरे सपने अब एक रंग हैं
ओ जहाँ भी ले जायें राहें हम संग हैं
मेरे तेरे दिल का तै था एक दिन मिलना
जैसे बहार आने पर तै है फूल का खिलना
मेरे तेरे दिल का तै था एक दिन मिलना
जैसे बहार आने पर तै है फूल का खिलना
ओ मेरे जीवन साथी
तेरे मेरे सपने अब एक रंग हैं
ओ जहाँ भी ले जायें राहें हम संग हैं
तेरे दुःख अब मेरे मेरे सुख अब तेरे
तेरे ये दो नैना चाँद और सूरज मेरे
तेरे दुःख अब मेरे मेरे सुख अब तेरे
तेरे ये दो नैना चाँद और सूरज मेरे
ओ मेरे जीवन साथी
तेरे मेरे सपने अब एक रंग हैं
ओ जहाँ भी ले जायें राहें हम संग हैं
लाख मना ले दुनिया साथ न ये छूटेगा
आ के मेरे हाथों में हाथ न ये छूटेगा
लाख मना ले दुनिया साथ न ये छूटेगा
आ के मेरे हाथों में हाथ न ये छूटेगा
ओ मेरे जीवन साथी
तेरे मेरे सपने अब एक रंग हैं
ओ जहाँ भी ले जायें राहें हम संग हैं
तेरे मेरे सपने अब एक रंग हैं
फ़िल्म - गाइड
गायक - मोहम्मद रफी
संगीत - सचिन देव बर्मन
ओ जहाँ भी ले जायें राहें हम संग हैं
ओ तेरे मेरे सपने अब एक रंग हैं
ओ जहाँ भी ले जायें राहें हम संग हैं
मेरे तेरे दिल का तै था एक दिन मिलना
जैसे बहार आने पर तै है फूल का खिलना
मेरे तेरे दिल का तै था एक दिन मिलना
जैसे बहार आने पर तै है फूल का खिलना
ओ मेरे जीवन साथी
तेरे मेरे सपने अब एक रंग हैं
ओ जहाँ भी ले जायें राहें हम संग हैं
तेरे दुःख अब मेरे मेरे सुख अब तेरे
तेरे ये दो नैना चाँद और सूरज मेरे
तेरे दुःख अब मेरे मेरे सुख अब तेरे
तेरे ये दो नैना चाँद और सूरज मेरे
ओ मेरे जीवन साथी
तेरे मेरे सपने अब एक रंग हैं
ओ जहाँ भी ले जायें राहें हम संग हैं
लाख मना ले दुनिया साथ न ये छूटेगा
आ के मेरे हाथों में हाथ न ये छूटेगा
लाख मना ले दुनिया साथ न ये छूटेगा
आ के मेरे हाथों में हाथ न ये छूटेगा
ओ मेरे जीवन साथी
तेरे मेरे सपने अब एक रंग हैं
ओ जहाँ भी ले जायें राहें हम संग हैं
तेरे मेरे सपने अब एक रंग हैं
फ़िल्म - गाइड
गायक - मोहम्मद रफी
संगीत - सचिन देव बर्मन
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