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Tuesday, November 20, 2012

मेरे महबूब तुझे मेरी मोहब्बत की कसम


मेरे महबूब तुझे मेरी मोहब्बत की कसम 
मेरे महबूब तुझे मेरी मोहब्बत की कसम 
फिर मुझे नरगिसी आँखों का सहारा दे दे 
मेरा खोया हुआ रंगीन नज़ारा दे दे 
मेरे महबूब तुझे मेरी मोहब्बत की कसम 




भूल सकती नहीं आँखें वो सुहाना मंज़र
जब तेरा हुस्न मेरे इश्क से टकराया था
और फिर राह में बिखरे थे हजारों नगमे 
मैं वो नगमे तेरी आवाज़ को दे आया था
साजे दिल को उन्ही गीतों का सहारा दे दे
मेरा खोया हुआ रंगीन नज़ारा दे दे 
मेरे महबूब तुझे मेरी मोहब्बत की कसम 




याद है मुझ को मेरी उम्र की पहली वो घडी
तेरी आँखों से कोई जाम पिया था मैंने
मेरी रग रग में कोई बर्क सी लहराई थी
जब तेरे मरमरी हाथों को छुआ था मैंने
आ मुझे फिर उन्ही हाथों का सहारा दे दे
 मेरा खोया हुआ रंगीन नज़ारा दे दे
मेरे महबूब तुझे मेरी मोहब्बत की कसम




मैंने एक बार तेरी एक झलक देखी है
मेरी हसरत है के मैं फिर तेरा दीदार करूँ
तेरे साये को समझ कर हसीन ताज महल 
चांदनी रात में नज़रों से तुझे प्यार करूँ
अपनी महकी हुई जुल्फों का सहारा दे दे
मेरा खोया हुआ रंगीन नज़ारा दे दे
मेरे महबूब तुझे मेरी मोहब्बत की कसम 



ढूंढता हूँ तुझे हर राह में हर महफ़िल में
थक गए हैं मेरी मजबूर तमन्ना के क़दम
आज का दिन मेरी उम्मीद का है आखरी दिन
कल न जाने मैं कहाँ और कहाँ तू  हो सनम 
दो घडी अपनी निगाहों का सहारा दे दे 
 मेरा खोया हुआ रंगीन नज़ारा दे दे
मेरे महबूब तुझे मेरी मोहब्बत की कसम



सामने आ के ज़रा पर्दा उठा दे रुख से
एक ये ही मेरा इलाजे ग़म-ए तन्हाई है
तेरी फुरकत ने परेशां किया है मुझ को
अब तो मिल जा के मेरी जान पे बन आयी है
दिल को भूली हुई यादों का सहारा दे दे
 मेरा खोया हुआ रंगीन नज़ारा दे दे
मेरे महबूब तुझे मेरी मोहब्बत की कसम
 मेरे महबूब तुझे 



उनसे रोज़ मिलने को दिल चाहता है,
कुछ सुनाने और सुनने को दिल चाहता है,
था किसी के मानाने का अंदाज़ ऐसा की,
एक बार रूठ जाने को दिल चाहता है 





इतना ख़ूबसूरत चेहरा है तुम्हारा 
हर दिल दीवाना है तुम्हारा 
लोग कहते हैं चाँद का टुकड़ा हो तुम 
लेकिन हम कहते हैं चाँद टुकड़ा है तुम्हारा 




तेरी निगाहों के यूँ ही कायल थे हम 
क्या ज़रुरत थी आजमाने की 
यूँ ही बेहोश पड़े थे तेरी राहों में 
क्या ज़रुरत थी अलग से मुस्कुराने की 





सोया नहीं कई रातों से
इस दिल में तुम ही समाये हो 
हर आहट पर ऐसा लगता है 
के शायद तुम आये हो